Monday, March 1, 2021

Jokes| हिंदी जोक्स

 Joke- 1

एक बार एक आदमी था। उसके सिर पर दो बाल थे ।वो दोनो बाल एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे लेकिन वो सादी नहीं कर सकते 😔। बताओ क्यों??????

क्योंकि वो दोनो बाल थे और बाल विवाह गेरकनुनी होता है।😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂

Joke-2

एक बार एक आदमी गाड़ी की चाबी से कान खुजा रहा था। सोहन उस आदमी को काफी देर से देख रहा था🙁। फिर सोहन आकर उस आदमी के धक्का देने लग गया तो वह आदमी गुस्से में आकर उसे बोला अरे भाई साहब क्या कर रहे हो😠😠😠😠😠😠🤨🤨🤨🤨

तो सोहन बोला अरे भाई मैं तो आपकी मदद कर रहा था कि अगर आपकी गाड़ी स्टार्ट नहीं हो रही हो तो मैं धक्का दे दूं😂😂😂



Love srory|एक लव स्टोरी


A love story ❤️



PART-1

हेलो दोस्तों तो कैसे हो  आप सब उम्मीद है अच्छे होंगे और हम भी अपनी लव स्टोरी फिर से शुरू करने के लिए आए हैं इस बीच आप सभी का प्यार और सपोर्ट के लिए दिल से शुक्रिया|

करण का पूरे ऑफिस में हर वक्त मजाक बनता रहता था| और इन सब से करण थक चुका था जैसे-तैसे उसकी लाइफ चल रही थी पर एक दिन करण की कुछ गलतियों की वजह से ऑफिस का बहुत बड़ा लॉस हो गया था जिसकी वजह से करण को नौकरी से निकाल दिया गया उस दिन करण शाम तक अपने घर नहीं आया उसके घरवालों को अब चिंता होने लगी थी करण का फोन भी नहीं लग रहा था। तभी करण घर पहुंचता हैं  और उसकी मां वही दरवाजे पर  बैठकर उसका इंतजार कर रही थी। करण को आता देख उसकी मां की आंखों में खुशी के आंसू आ गए और जल्दी से उसके पास जाती है और करण को गले से लगाती है और कहती है तुम कहां चले गए थे हम कब से परेशान थे।

PART-2

करण की मां उसकी शादी करके अपनी जिम्मेदारी से मुक्त होना चाहती है लेकिन करण को अभी शादी में कोई इंटरेस्ट नहीं है वह अपने एक मुकाम पर पहुंच कर अपने पापा का सपना साकार करना चाहता है। करण पूरी रात जागकर यह रिसर्च करता है कि क्या वजह है कि उसकी कंपनी को पिछले 3 सालों से डील नहीं मिल पा रही है और अगले दिन सुबह बॉस से मिलने पहुंच जाता है बॉस पूछते हैं कि क्या वजह है जिससे उनकी कंपनी को पिछले 3 सालों से यह डील नहीं मिल पा रही थी। उसी वक्त करण सोचता है और करण को अपने पापा की कही बात समझ आ जाती है कि वह कहना चाहते थे कि यह प्रोजेक्ट उसकी काबिलियत के दम पर मिले ना की उसकी हुजूरी के कारण। फिर करण  अपने बॉस के साथ निकल जाते हैं

PART-3

करण को मीटिंग में था यानी उसके दोस्त प्रमोशन लेटर देते हैं पर करण वह लेटर लेने की साफ मना कर देता है और यह देखकर वापस कर देता है कि जहां उसके पापा की बेइज्जती हुई हो वहां वह कभी काम नहीं करेगा। करण की मां और पापा में करण को लेकर बहस होती है और कर्ण की मां उसे उठाने के लिए उसके पापा को कहती है करण के पापा करण के रूम में जाते हैं और उसके सर को से हलाते हुए उसे बोलते हैं।

Part-4

करण के पापा उसको नौकरी दोबारा ज्वाइन करने के लिए कहते हैं पर करण मना कर देता है यह कहकर कि अब वह वहां काम नहीं करना चाहता और अपने पापों को समझाने की कोशिश करता है और कहता है वह ऐसे जगह पर काम नहीं कर सकता है। करण को रोहिणी का फोन आता है और वह उसे अकेले ऑफिस बुलाती है करण यह मेरा प्लेजर है मुझे आपके ऑफिस आने का चांस दोबारा मिल्लेगा।कल मैं 10:00 बजे तक अपने बॉस के साथ आपके ऑफिस आ जाऊंगा रोहिणी- नहीं करण आपको मिस्टर मेहता के साथ नहीं बल्कि अकेले आना है यह थोड़ा कॉन्फिडेंशियल है। रोहिणी करण का पहले का काम देख कर यह तय नहीं कर पाती है कि उसे यह प्रोजेक्ट देना चाहिए या नहीं और फिर कुछ देर के बाद रोहिणी कहती है मिस्टर करण अगर आपने इतनी मेहनत की है तो मैं आपको डायरेक्टली तो मना नहीं करूंगी करण- इसका मतलब आप मुझे इनडायरेक्टली मना कर रही हैं।रोहिणी करण को बताती है कि वह करण को लालच देकर उसका एग्जाम ले रही थी कि कहीं करण पैसे के लिए कंपनी की इंफॉर्मेशन दूसरों के साथ शेयर ना करदे रोहिणी यस मिस्टर करण और आपने ना कहकर हमारी एक्सपेक्टेशन को पूरा किया तो यह प्रोजेक्ट मैं आपकी कंपनी को देती हूं करण थैंक्यू मैम।

PART-5

करण के बॉस उसे पार्टी में आने के लिए इनवाइट करते हैं पर करण मना कर देता है तभी करण के पापा आगे आते हैं और कहते हैं करण जरूर आएगा बॉस- शायद आप मेरी बात समझे नहीं करण को विद फैमिली इनवाइट कर रहा हूं पापा- ठीक है हम सब आएंगे। जब करण की आंखें नम होती है तब उसके सामने एक रुमाल आता है और पीछे से आवाज आती है करण मुड़कर देखता है वह रोहिणी होती है और वह रुमाल की तरफ इशारा करके कहती है आंसू पूछ लीजिए आप रोते हुए अच्छे नहीं लगते हैं करण रोहिणी के हाथ से रुमाल लेता है और आंसू पहुंचने लगता है। करण की मम्मी पापा करण को रोहिणी के नाम से चिढ़ाते हैं करण- पापा, आप चुप बैठेंगे या मैं उतर जाऊंगा डी से अभी पापा- अच्छा सॉरी,मैं अब कुछ नहीं बोलूंगा पर क्या तुझे वह अच्छी नहीं लगती है करण कार की खिड़की से सर बाहर निकलता है और मुस्कुराते हुए हवा को महसूस करने लगता है।

PART-6

करण की मम्मी और पापा के बीच में कर्ण को लेकर बात हो रही होती है पापा- तुम्हारी बात सही है लेकिन वह अपने बेटे की खुशी उस चीज में ढूंढ रहा था जहां उसकी खुशी थी ही नहीं मम्मी- तू क्या वह अपनी बेटी की शादी कहीं भी कर देते उनकी भी अपनी कुछ अरमान होंगे अपने बेटे की शादी के लिए। रोहिणी करण के सामने अपनी क्लाइंट की बेज्जती करने लगती है करण- छोड़िए ना इन सब बातों को, अपने मुझे बुलाया था रोहिणी- हां मिस्टर करण सॉरी मैं बेकार की बातों में आपका टाइम वेस्ट कर रही थी मैं चाहती हूं कि आप एक बार हमारी कंपनी को अंदर से जाने, क्योंकि मार्केट की हर खबर जो हमारी कंपनी से बारे में है वह सही नहीं है।रोहिणी करण को वहां से जाने के लिए कहती है प्रकरण अपने ही ख्यालों में खो जाता है करण- हां ठीक है पर शाम हो चुकी है और आप जहां ऐसे अकेले खड़े हैं मुझे अच्छा नहीं लग रहा है रोहिणी- मिस्टर करण आप मेरी चिंता मत करिए मैं ठीक हूं आप जाइए। करण रोहिणी के बारे में सोचता रह जाता है कुछ नींद नहीं आती है और यह सोचने लगता है कि भगवान जो करता है सही करता है यह बात तो है कि उसे रोहिणी नहीं मिल मिली पर शायद भगवान उसकी किस्मत में रोहिणी से भी कोई अच्छी लड़की भेजें करण यह सोच कर अपने आप को तसल्ली देता है और सो जाता है

Part-7

करण उसी पहाड़ पर चला जाता है जहां वह सब होने के बाद जाता है करणी जो भी सोचा है आज उसके साथ लंच ऐसी ही हुआ था बट शायद स्टेशन अलग था और आज जब करण रोहिणी से मिला तो उसकी चेहरे पर वह खुशी नहीं थी जो रोहिणी का सिर्फ नाम सुनने से ही आ जाती थी।चरण के पापा उसकी मम्मी को यह कह देते हैं कि वह हमेशा फालतू बात करती है इस बात पर करण की मां गुस्सा होकर अंदर चली जाती है करण क्या पापा आप भी ना हर समय मम्मी को परेशान करते रहते हैं आप को दिखता नहीं मम्मी कितनी काम करती है मुस्कुरा कर अपने पापा की तरफ इशारा करती  हुई।रोहिणी करण का वेट कर रही होती है और करण वहां आता है रोहिणी मिस्टर करण आप कुछ लेंगे लाइक की कॉपी करें उसके सामने फाइल रखता है और कहता है यह आज की प्रोग्रेस रिपोर्ट है प्लीज चेक कर लीजिए अगर कुछ इंप्रूव करना हो तो प्लीज बताना।करण और रोहिणी बाइक से जा रहे होते हैं रोहिणी पता है करण मुझे बाइक पर घूमना बहुत पसंद है क्योंकि इस पर आप खुली हवा में सांस ले सकते हैं और बंद तो हम घर में भी रहते हैं कम से कम बाहर तो ताजी हवा मिले जैसे ही करण एक रेस्टोरेंट की तरफ अपनी बाइक मोड़ता है।

PART-8

रोहिणी करण को बोलती है कि वह उसे बात करने के लिए उसे यहां लाई थी करण मुझसे वह भी नॉन ऑफिशियल कई क्या बात है रोहिणी करण में पिछले कई दिनों से यह नोटिस कर रही हूं कि आप मुझे इग्नोर कर रहे हैं और यह उस लोड वाले दिन की बात शुरू हुआ है।करण रोहिणी को रीजन बताते हुए उसे बॉयफ्रेंड का नाम लेता है और रोहिणी करण से इसकी वजह पूछती है करण क्योंकि जिस तरह से वह आपको फोन करता है और आप अपने पास बुलाता है आपके काम को नहीं समझता नहीं यह की टाइम देने के लिए आपको कितनी एक्स्ट्रा मेहनत और ओवर टाइम करना पड़ता है इन सब बातों से यह पता चलता है कि वह बिल्कुल भी मैं जो नहीं है और बहुत जिद्दी भी है।करण की मां उसके पापा को परेशान कर रही थी कि वह करण को कॉल करें और पूछ एकीकरण अब तक घर क्यों नहीं आया पर करण की पापा का कहना था कि अभी वह काम में बिजी होगा शायद वह किसी मीटिंग में हो और उनकी फोन करके सेवर हो जाए अगर वह फ्री होता तो खुद ही कॉल करके बता देता कि उसे घर आने में लेट होगा।करण रोहिणी से कहता है क्यों मेरा घर ऐसा नहीं हो सकता है क्या करण नो नो आई मीन मुझे पता ही नहीं य आपका घर है रोहिणी थोड़ी ना आपको मैं अपने मां से मिला ता हूं और अंदर से आंटी को आवाज देती है आंटी सो गई शायद।



Saturday, February 27, 2021

एक होशियार लड़की की कहानी | girl story

A ENTLIGENT GIRL...

 एक लड़की हमेशा सोचती थी कि हमेशा एक होशियार इंसान ही आगे चलकर कुछ बन सकता है सोचती कि मैं तो वैसे ही कमजोर हूं मैं तो कुछ बन ही नहीं सकती वह हमेशा अपने सपनों को नकार देती थी और बोलती थी मैं कुछ नहीं कर सकती तब उसकी टीचर ने यह बात सुन ली और उसे समझाया बेटा ऐसा कुछ नहीं होता यह हमारे मन का वहम है अगर हम मान ले कि हम कमजोर हैं तो हम कमजोर ही रहेंगे और लोग हमें नीचा दिखाने की कोशिश करेंगे हमें हमेशा यही ध्यान में रखकर उस काम को करना चाहिए कि मैं इस काम को पूरी तरह से निष्ठा से निभा सकती हूं यह सुनकर वह लड़की सोची क्या ऐसा भी हो सकता है तब उसने ठान लिया कि वह जो भी काम करेगी उसे सच्चाई और ईमानदारी से करेगी कुछ सालों बाद उस टीचर का रिटायरमेंट हो रहा था बड़ी धूमधाम से तभी वहां एक लंबी सी गाड़ी आती है और उस गाड़ी के चारों तरफ पुलिस की गाड़ियां होती है तभी उस गाड़ी से एक लड़की निकलती है उसने काला कोट पहना हुआ था और वह एक कलेक्टर थी वह लड़की उस टीचर के पैर छूती है तब टीचर ने पूछा अरे कलेक्टर जी आप मेरे ऐसे पैर क्यों छू रहे हो आप कौन हो तब वह लड़की जवाब देती है कि टीचर मैं वही लड़की हूं जिसे आपने वह बात कही थी कि अगर कोई व्यक्ति किसी काम को ईमानदारी से करें और उसे निष्ठा से निभाए तो वह पूरा होकर ही रहता है तब मैंने वह बात उसी दिन मान ली थी और उसी दिन ठान लिया था कि मैं एक  दिन बहुत बड़ी बनूंगी.


इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें हमेशा कभी भी हार नहीं माननी चाहिए अपने काम को निष्ठा से पूरा करना चाहिए थैंक यू।

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